Class 11 Maths Formulas in Hindi (हिंदी) — Chapter-Wise

By NCERT Kaksha Team · अंतिम अपडेट: 15 जुलाई 2026 · पढ़ने का समय: 10 मिनट · इस पेज को bookmark कर लें 🔖

सीधा जवाब

Class 11 Maths 80 marks theory + 20 marks internal का होता है, 3 घंटे का paper, और syllabus पाँच units में बँटा है — समुच्चय एवं फलन, बीजगणित, निर्देशांक ज्यामिति, कलन, और सांख्यिकी एवं प्रायिकता। Overall choice नहीं मिलती, पर हर section में 33% internal choice ज़रूर मिलती है। पर असली बात ये है: Class 11 में Maths बदल जाती है। Class 10 तक सवाल हल करना काफ़ी था — Class 11 से चीज़ें abstract हो जाती हैं, और हिंदी माध्यम वालों के लिए एक extra परत जुड़ जाती है: "सारणिक", "अवकलज", "प्रांत" — ये शब्द नए हैं, और इनके English नाम भी पता होने चाहिए क्योंकि आगे JEE, CUET सब वहीं से आते हैं। नीचे पूरा term map है, units के हिसाब से formulas हैं, और वो बात है जो कोई नहीं बताता — Class 11 के marks board में नहीं जुड़ते, पर नतीजा पूरी Class 12 तय करते हैं।

Class 10 से Class 11 — Maths क्यों बदल जाती है

बहुत से अच्छे students Class 11 में आकर पहली बार Maths में अटकते हैं। ये आपकी कमी नहीं है — subject सच में बदल गया है:

पहले: सवाल हल करना → अब: परिभाषा समझना

Class 10 में सवाल का एक तरीक़ा था, वो लगाया, जवाब आ गया। Class 11 में पहले ये समझना पड़ता है कि चीज़ है क्या — फलन क्या है, समुच्चय क्या है — फिर सवाल आता है।

इसलिए "formula लगाकर हल कर दो" वाला तरीक़ा यहाँ फेल होने लगता है।

पहले: ठोस चीज़ें → अब: abstract चीज़ें

त्रिभुज, वृत्त — दिख जाते थे। अब फलन, समुच्चय, सीमा (limit) — इन्हें देखा नहीं जा सकता, सिर्फ समझा जा सकता है।

यही वो जगह है जहाँ "मुझे Maths नहीं आती" वाली सोच पैदा होती है — जबकि असल में सिर्फ स्तर बदला है।

पहले: याद रखना काम आता था → अब: नहीं

Class 10 में formula याद करके काफ़ी marks आ जाते थे। Class 11 में वही formula अलग-अलग हालात में लगाना आना चाहिए — याद रखना शुरुआत है, अंत नहीं।

इसीलिए Class 11 में practice की मात्रा बढ़ानी पड़ती है, पढ़ने की नहीं।

और हिंदी माध्यम में: शब्द भी नए हैं

"सारणिक", "अवकलज", "प्रांत", "परिसर" — ये शब्द Class 10 में कभी नहीं आए। नया concept + नया शब्द, दोनों एक साथ।

यही असली दिक़्क़त है, और ये term map से हल हो जाती है — नीचे दिया है।

💡 एक बात साफ़ कर लीजिए Class 11 में Maths मुश्किल लगना बिल्कुल आम बात है, और इसका मतलब ये नहीं कि आपकी क़ाबिलियत कम हो गई। आपने कोई चीज़ खोई नहीं है — आपका सामना एक नई तरह की Maths से हुआ है। जो students ये समझ लेते हैं वो अगले दो महीने में सँभल जाते हैं; जो "मुझसे नहीं होगा" मान लेते हैं वो पूरा साल गँवा देते हैं।

Marks नहीं जुड़ते, फिर भी सबसे ज़रूरी साल

ये बात कोई सीधे नहीं कहता, तो हम कह देते हैं — Class 11 के marks आपकी board marksheet में नहीं जुड़ते। ये सच है। पर इससे उल्टा नतीजा मत निकालिए:

सच पर
Class 11 के marks board में नहीं जाते Class 12 की Maths पूरी तरह Class 11 पर खड़ी है — कलन, फलन, त्रिकोणमिति सब वहीं से आगे बढ़ते हैं
Board exam Class 12 में है JEE और CUET में Class 11 का हिस्सा बड़ा होता है — वो marks गिनती में आते हैं
अभी वक़्त है Class 12 में Class 11 दोबारा पढ़ने का वक़्त नहीं मिलता — तब नया syllabus सिर पर होता है
⚠️ Class 11 छोड़ने की क़ीमत Class 12 में चुकानी पड़ती है "अभी तो Class 11 है, Class 12 में देख लेंगे" — ये सोच हर साल हज़ारों students को महँगी पड़ती है। Class 12 में आप नया syllabus पढ़ रहे होंगे और boards की तैयारी कर रहे होंगे; तब Class 11 की कलन दोबारा शुरू से पढ़ने का वक़्त किसी के पास नहीं होता। Class 11 अभी सस्ती है, बाद में महँगी हो जाती है।

Paper की structure (80 + 20)

Theory — 80 marks
Internal — 20

Class 11 Maths = 100 marks · theory 3 घंटे · पाँच units

Unit (हिंदी) Unit (English)
समुच्चय एवं फलन Sets and Functions
बीजगणित Algebra
निर्देशांक ज्यामिति Coordinate Geometry
कलन Calculus
सांख्यिकी एवं प्रायिकता Statistics and Probability
Overall choice नहीं है · Internal choice 33%

पूरे paper में कोई overall choice नहीं मिलती — यानी कोई unit छोड़ने का option नहीं है।

पर हर section में लगभग 33% internal choice मिलती है — यानी उन जगहों पर दो में से एक सवाल चुन सकते हैं।

💡 Internal 20 marks — ये सबसे आसान marks हैं Internal assessment में periodic tests और maths activities / lab work आते हैं। ये पूरे साल में थोड़ा-थोड़ा करके मिलते हैं, exam के दबाव में नहीं। जो students activity file और periodic tests को हल्के में लेते हैं, वो 20 में से आधे marks यूँ ही गँवा देते हैं — जबकि ये मेहनत से नहीं, नियमितता से मिलते हैं।
⚠️ Chapter-wise weightage का table हम नहीं दे रहे — और आप भी किसी पर भरोसा मत कीजिए CBSE Class 11 Maths में chapter-wise weightage आधिकारिक तौर पर जारी नहीं होता। Internet पर जो tables दिखते हैं वो एक-दूसरे से मेल नहीं खाते — कोई Algebra को 25 marks बताता है, कोई 31%, कोई 23। सही जानकारी सिर्फ cbseacademic.nic.in पर मौजूद syllabus PDF में है। उसे खोलकर पढ़िए — किसी भी blog से ज़्यादा भरोसा उस PDF पर कीजिए, इस पेज से भी ज़्यादा।
💡 हटाए गए topics कुछ topics — जैसे गणितीय आगमन का सिद्धांत (Principle of Mathematical Induction) और गणितीय विवेचन (Mathematical Reasoning) — syllabus से हटाए जा चुके हैं। लेकिन सूत्रों में इस बारे में मतभेद है, और CBSE हर साल बदलाव करता है। अपने साल का syllabus PDF ज़रूर देख लीजिए — हटा हुआ topic पढ़ने में वक़्त बर्बाद होता है, और जो हटा नहीं है उसे छोड़ देना उससे भी महँगा है।

Term map — हिंदी ↔ English

ये इस पेज की सबसे काम की चीज़ है। Class 11 में शब्द नए हैं, और आगे JEE/CUET की हर किताब English में है — इसलिए दोनों नाम पता होने चाहिए:

हिंदी English Symbol
समुच्चय Set A, B
सर्वनिष्ठ समुच्चय Intersection A ∩ B
सम्मिलन Union A ∪ B
पूरक समुच्चय Complement A′
रिक्त समुच्चय Empty set φ
उपसमुच्चय Subset
फलन Function f(x)
प्रांत Domain
परिसर Range
सह-प्रांत Co-domain
त्रिकोणमिति Trigonometry sin, cos, tan
सम्मिश्र संख्या Complex number z = a + ib
मापांक Modulus |z|
संयुग्मी Conjugate z
असमिका Inequality <, >
क्रमचय Permutation nPr
संचय Combination nCr
द्विपद प्रमेय Binomial theorem
अनुक्रम Sequence an
श्रेणी Series Sn
समांतर श्रेढ़ी A.P. a, d
गुणोत्तर श्रेढ़ी G.P. a, r
सरल रेखा Straight line y = mx + c
ढाल / प्रवणता Slope m
शंकु परिच्छेद Conic section
परवलय Parabola y² = 4ax
दीर्घवृत्त Ellipse
अतिपरवलय Hyperbola
सीमा Limit lim
अवकलज Derivative dy/dx, f′(x)
अवकलन Differentiation
माध्य Mean x
प्रसरण Variance σ²
मानक विचलन Standard deviation σ
प्रायिकता Probability P(A)
💡 इसे रटिए मत एक बार ध्यान से पढ़ लीजिए, बस। मक़सद ये है कि जब कोई किताब या video में "derivative" कहे, तो दिमाग़ में तुरंत "अच्छा, अवकलज" आ जाए — नई चीज़ न लगे। यही वो पल है जहाँ हिंदी माध्यम का student अटकता है, और यही एक table से हल हो जाता है।

समुच्चय एवं फलन (Sets and Functions)

Formula क्या है
n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B) दो समुच्चयों का सम्मिलन
उपसमुच्चयों की संख्या = 2n n अवयवों वाले समुच्चय के लिए
sin²θ + cos²θ = 1 मूल त्रिकोणमितीय सर्वसमिका
1 + tan²θ = sec²θ · 1 + cot²θ = cosec²θ बाक़ी दो सर्वसमिकाएँ
sin(A ± B) = sinA cosB ± cosA sinB योग-अंतर सूत्र
cos(A ± B) = cosA cosB ∓ sinA sinB चिह्न उल्टा होता है — ध्यान रखिए
sin2θ = 2 sinθ cosθ द्विक कोण
cos2θ = cos²θ − sin²θ = 2cos²θ − 1 = 1 − 2sin²θ तीनों रूप याद रखिए

बीजगणित (Algebra)

Formula क्या है
i² = −1 · |z| = √(a² + b²) सम्मिश्र संख्या · मापांक
nPr = n!/(n−r)! क्रमचय — क्रम मायने रखता है
nCr = n!/(r!(n−r)!) संचय — क्रम मायने नहीं रखता
nCr = nCn−r बहुत काम आने वाला गुण
(a+b)n = Σ nCr an−r br द्विपद प्रमेय
an = a + (n−1)d समांतर श्रेढ़ी का n वाँ पद
Sn = n/2 [2a + (n−1)d] समांतर श्रेढ़ी का योग
an = arn−1 गुणोत्तर श्रेढ़ी का n वाँ पद
Sn = a(1−rn)/(1−r), r ≠ 1 गुणोत्तर श्रेढ़ी का योग
S = a/(1−r), |r| < 1 अनंत गुणोत्तर श्रेढ़ी
💡 क्रमचय या संचय — कैसे पहचानें एक सवाल हमेशा पूछिए: "क्या क्रम मायने रखता है?" अगर हाँ (जैसे — पद बाँटने हैं: अध्यक्ष, सचिव) तो क्रमचय (P)। अगर नहीं (जैसे — टीम चुननी है) तो संचय (C)। Class 11 में सबसे ज़्यादा गलती यहीं होती है, और ये एक सवाल से बच जाती है।

निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry)

Formula क्या है
m = (y2 − y1)/(x2 − x1) रेखा की ढाल
y − y1 = m(x − x1) बिंदु-ढाल रूप
y = mx + c ढाल-अंतःखंड रूप
d = |Ax1 + By1 + C| / √(A² + B²) बिंदु से रेखा की दूरी
समांतर: m1 = m2 · लंबवत: m1m2 = −1 दो रेखाओं का संबंध
(x−h)² + (y−k)² = r² वृत्त का समीकरण
y² = 4ax परवलय का मानक रूप

कलन (Calculus) — सबसे ज़रूरी unit

Formula क्या है
limx→0 (sin x)/x = 1 सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली सीमा
limx→a (xn − an)/(x − a) = nan−1 मानक सीमा
d/dx (xn) = nxn−1 घात नियम
d/dx (sin x) = cos x · d/dx (cos x) = −sin x ऋण चिह्न मत भूलिए
d/dx (ex) = ex · d/dx (log x) = 1/x चरघातांकी और लघुगणकीय
(uv)′ = u′v + uv′ गुणनफल नियम
(u/v)′ = (u′v − uv′)/v² विभाजन नियम — अंश में चिह्न ध्यान से
⚠️ कलन को हल्के में मत लीजिए Class 12 की Maths का सबसे बड़ा हिस्सा कलन है, और वो बिल्कुल यहीं से शुरू होता है। Class 11 में सीमा और अवकलज ठीक से नहीं आया, तो Class 12 में समाकलन (integration) समझ ही नहीं आएगा — क्योंकि वो अवकलन का उल्टा है। JEE और CUET में भी कलन का हिस्सा सबसे बड़ा होता है। अगर एक unit को सबसे ज़्यादा वक़्त देना है, तो वो यही है।

सांख्यिकी एवं प्रायिकता (Statistics and Probability)

Formula क्या है
x = Σxi/n माध्य
σ² = Σ(xix)²/n प्रसरण
σ = √(प्रसरण) मानक विचलन
P(A) = अनुकूल परिणाम / कुल परिणाम प्रायिकता की परिभाषा
P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B) योग प्रमेय
P(A′) = 1 − P(A) पूरक घटना
💡 सबसे सस्ते marks सांख्यिकी और प्रायिकता के सवाल सीधे होते हैं — formula लगाइए, जवाब आ जाता है। बहुत से students इन्हें "बाद में देखेंगे" कहकर छोड़ देते हैं और फिर exam में आसान marks गँवा देते हैं। ये units कम वक़्त में पक्की हो जाती हैं।

हिंदी माध्यम की आम गलतियाँ

गलती सही तरीक़ा
1. English term देखकर घबरा जाना "Derivative" वही है जो "अवकलज" है। Term map एक बार पढ़ लीजिए — डर ख़त्म।
2. Formula का हिंदी अनुवाद ढूँढ़ना Formula की कोई भाषा नहीं होती। dy/dx हिंदी की किताब में भी dy/dx ही है।
3. पढ़ना ज़्यादा, हल करना कम Class 11 Maths पढ़ने से नहीं आती। हर chapter के 30-40 सवाल ख़ुद हल कीजिए — बिना किताब देखे।
4. "Class 11 के marks नहीं जुड़ते" वाली सोच Marks नहीं जुड़ते, पर Class 12 और JEE/CUET पूरी तरह इसी पर खड़े हैं।
5. कलन को आख़िर के लिए छोड़ना कलन Class 12 का सबसे बड़ा हिस्सा है, और शुरू यहीं से होता है। इसे सबसे ज़्यादा वक़्त दीजिए।
6. Internal के 20 marks हल्के में लेना Periodic tests और activity file — पूरे साल थोड़ा-थोड़ा। ये सबसे आसान marks हैं।
💡 आख़िरी बात हिंदी माध्यम में Maths पढ़ना कोई नुक़सान नहीं है। Maths symbols की भाषा में चलती है — और symbol हर भाषा में एक ही है। जिस भाषा में आप सोचते हैं उसी में समझिए, बस term का दूसरा नाम पता रखिए ताकि आगे कोई किताब, कोई video, कोई exam आपको अटका न सके।

Class 11 Maths हिंदी माध्यम — हस्तलिखित नोट्स

पूरे chapters, हिंदी में — हर formula के साथ हल किए हुए सवाल:

  • पूरा Class 11 Maths syllabus — NCERT हिंदी माध्यम के अनुसार, chapter-wise
  • हर formula के साथ हिंदी explanation — और English term भी, आगे JEE/CUET के लिए
  • कलन और बीजगणित पर ख़ास ज़ोर — जो Class 12 में सबसे ज़्यादा काम आते हैं
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सवाल-जवाब

Class 11 Maths का exam pattern क्या है?

80 marks का theory paper 3 घंटे का होता है और 20 marks internal assessment के, यानी कुल 100 marks। Syllabus पाँच units में बँटा है, overall choice नहीं मिलती, पर हर section में लगभग 33% internal choice मिलती है।

Class 11 Maths में कितनी units हैं?

पाँच — समुच्चय एवं फलन, बीजगणित, निर्देशांक ज्यामिति, कलन, और सांख्यिकी एवं प्रायिकता। कोई unit छोड़ने का option नहीं है क्योंकि paper में overall choice नहीं होती।

क्या Class 11 Maths के formulas हिंदी में अलग होते हैं?

नहीं, formulas बिल्कुल एक जैसे रहते हैं — dy/dx हिंदी की किताब में भी dy/dx ही है, क्योंकि symbols universal होते हैं। सिर्फ term का नाम बदलता है, जैसे "अवकलज" और "derivative" एक ही चीज़ हैं।

Class 11 Maths अचानक मुश्किल क्यों लगने लगती है?

क्योंकि subject सच में बदल जाता है — Class 10 तक सवाल हल करना काफ़ी था, Class 11 से पहले परिभाषा समझनी पड़ती है और चीज़ें abstract हो जाती हैं। ये आम बात है और इसका मतलब ये नहीं कि आपकी क़ाबिलियत कम हो गई।

क्या Class 11 के marks board में जुड़ते हैं?

नहीं जुड़ते, लेकिन इससे उल्टा नतीजा मत निकालिए — Class 12 की Maths पूरी तरह Class 11 पर खड़ी है, और JEE तथा CUET में Class 11 का हिस्सा बड़ा होता है। Class 12 में Class 11 दोबारा पढ़ने का वक़्त नहीं मिलता।

Class 11 Maths में किस unit को सबसे ज़्यादा वक़्त देना चाहिए?

कलन को, क्योंकि Class 12 की Maths का सबसे बड़ा हिस्सा वही है और शुरुआत Class 11 से ही होती है। सीमा और अवकलज ठीक से न आए तो Class 12 में समाकलन समझ नहीं आएगा।

Class 11 Maths में chapter-wise weightage क्या है?

CBSE Class 11 Maths के लिए chapter-wise weightage आधिकारिक तौर पर जारी नहीं करता, इसीलिए internet पर दिखने वाले tables एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। सही जानकारी के लिए cbseacademic.nic.in पर मौजूद syllabus PDF ही देखिए।

क्रमचय और संचय में फ़र्क़ कैसे पहचानें?

एक सवाल पूछिए — क्या क्रम मायने रखता है? अगर हाँ, जैसे पद बाँटने में, तो क्रमचय; अगर नहीं, जैसे टीम चुनने में, तो संचय। Class 11 में सबसे ज़्यादा गलती यहीं होती है।

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